अभी तक हमारे देश में लागू अप्रत्यक्ष कर कानून में विक्रेता को भुगतान न करने पर इनपुट टैक्स को रिवर्स करने का कोई प्रावधान नहीं था | जीएसटी में विक्रेताओं की सुरक्षा के लिए सरकार ने धारा 16(2) (d) के प्रोविजो में यह प्रावधान किया है कि यदि क्रेता-विक्रेता को इनवाइस की तारीख से 180 दिन अवधि के भीतर पुरे माल या सेवा के मूल्य का टैक्स सहित भुगतान नहीं करता है, तो उसे पूर्व में प्राप्त कि गई इनपुट टैक्स क्रेडिट को ब्याज सहित आउटपुट टैक्स में जोड़ कर जमा कराना होगा |
हालांकि आगे जब भी वह विक्रेता को उस इनवाइस का भुगतान कर देता है तो वह पुनः उस अवधि में उस इनवाइस का इनपुट टैक्स क्रेडिट प्राप्त कर सकेंगा |
वैसे तो क्रेता-विक्रेता के बीच भुगतान की क्या शर्त तय की गई है, इसमे सरकार का कोई दखल नहीं होता है लेकिन जीएसटी कानून में इस प्रकार का प्रावधान जोड़ने के कारण क्रेताओं पर यह दवाब रहेगा कि वे 180 दिन की अवधि के भीतर विक्रेता को भुगतान करे अन्यथा उन्हे ब्याज सहित प्राप्त की गई इनपुट टैक्स क्रेडिट को आउटपुट में जोड़ कर जमा करना होगा |
इस प्रावधान केआधार पर व्यापार में स्वछता बनेगी और जीएसटी का यह प्रावधान स्वागत योग्य है|
28th GST council meeting press release
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