सीजीएसटी अधिनियम के अंतर्गत कर की चोरी एक अपराध है वह संज्ञेय गैर संज्ञेय हो सकता हैं, सीजीएसटी अधिनियम की धारा 132 के अनुसार जहां कराधीन वस्तुओं और सेवाओं से संबंधित अपराधों में कर चोरी 5 करोड रुपए से अधिक हो जाती है वह संज्ञेय और गैरजमानती हो जाएंगा, अधिनियम के अंतर्गत अन्य अपराध गैर संघीय और जमानत है |
संज्ञेय और गैर संज्ञेय अपराधों को निम्नानुसार समझाया जा रहा है |
संज्ञेय- संज्ञेय अपराध का मतलब एक गंभीर वर्ग का अपराध है, जिस के संबंध में एक पुलिस अधिकारी के पास बिना वारंट के गिरफ्तारी करने का अधिकार होता है और अदालत की अनुमति के साथ या बिना अनुमति के जांच शुरू करने का अधिकार होता है |
गैर संज्ञेय- गैर -संज्ञेय अपेक्षाकृत कम गंभीर अपराध है, गैर -संज्ञेय अपराध के संबंध में एक पुलिस अधिकारी के पास बिना वारंट गिरफ्तारी का अधिकार नहीं होता है, और ना ही जांच शुरू कर सकता है |
| संज्ञेय- | 5 करोड रुपए से अधिक की कर चोरी | अधिकारी के पास बिना वारंट के गिरफ्तारी करने व बिना अनुमति के जांच शुरू करने का अधिकार होता है | |
| गैर संज्ञेय | अन्य अपराध | अधिकारी के पास बिना वारंट गिरफ्तारी का अधिकार नहीं होता है, और ना ही जांच शुरू कर सकता है | |
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