पिछले भाग में जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट के समायोजन व इनपुट टैक्स क्रेडिट के बारे में सामान्य भाषा में समझाया गया था, इनपुट टैक्स क्रेडिट भाग-II में वैट, सेंट्रल एक्साइज, और सर्विस टैक्स में पंजीकृत करदाताओ को सेनवेट व वैट का क्लोजिंग बैलेंस और क्लोजिंग स्टॉक में शामिल सेनवैट व वैट को इनपुट टैक्स क्रेडिट में समायोजित करने के प्रावधानों के बारे में बताया जा रहा है, कि जीएसटी में पंजीकृत व्यक्तियों को अंतिम रहतिया (Closing Stock), और अंतिम रिटर्न में दिखाये गए इनपुट टैक्स क्रेडिट शेष की जीएसटी में इनपुट टैक्स क्रेडिट कैसे मिलेगी, उसको हमारे द्वारा मोटे तौर पर चार अनुभागों में समझाया गया है I
आपके पास सेनवेट /वेट की क्रेडिट का अंतिम शेष है,वह क्रेडिट अपने अंतिम भरे हुए रिटर्न के हिसाब से मिलेगी। जीएसटी लगने के अंतिम दिन तक का जो सेंट्रल एक्साइज/वेट का रिटर्न भरा है, उस मे जो क्रेडिट आगे ले जाने हेतु रिटर्न में दिखाया है उसका क्रेडिट जीएसटी के दौरान क्रमश मिलेगी:-
डीलर का प्रकार | इनपुट टैक्स क्रेडिट क्रमश मिलेगी |
सेंट्रल एक्साइज में पंजीकृत | सीजीएसटी (CGST) सेंट्रल एक्साइज का इनपुट |
वेट में पंजीकृत (कम्पोजीशन डीलर्स को छोडक़र) | एसजीएसटी (SGST )वेट का इनपुट |
व्यापारी को जीएसटी लागू होने की तिथी से छह माह पूर्व के सभी रिटर्न भरने होंगे तभी उन्हें इनपुट टैक्स क्रेडिट प्राप्त होगी ।
इनपुट क्रेडिट का लाभ तब ही मिल पायेगा जब जीएसटी. कानून के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलने के योग्य है ।
उदाहरण -कोई वस्तु जो सेंट्रल एक्साइज/वेट में कर योग्य है लेकिन जीएसटी के दौरान उसे करमुक्त घोषित कर दिया हैतो आपको इसकी क्रेडिट नहीं मिलेगी।
व्यापारी सेंट्रल एक्साइज में रजिस्टर्ड नहीं है लेकिन वैट में पंजीकृत है। और खरीद के बिल में सेंट्रल एक्साइज लगी हुई है (Input Tax Credit on Closing Stock)
ऐसे व्यापारी को बिल में दिखाए हुए सेंट्रल एक्साइज की इनपुट क्रेडिट मिल जायेगी और यह क्रेडिट उनके ‘इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट लेजर’ में जमा कर दी जायेगी जिसका उपयोग उन का जीएसटी के दौरान कर भुगतान में समायोजन के लिए काम लिया जाएगा ।
नोट :-
यदि यह माल जीएसटी के दौरान कर मुक्त घोषित कर दिया गया है तो यह क्रेडिट नहीं मिलेगी ।
बिल, चालान या अन्य दस्तावेज जीएसटी लगने की तारीख से 12 माह से पुराने हो तो आपको यह क्रेडिट नहीं मिलेगी इस तरह जीएसटी 1 जुलाई 2017 से लगा है, तो जो स्टॉक आपके पास 30 जून 2016 या उससे पूर्व खरीदा हुआ है, तो इसकी क्रेडिट आपको नहीं मिलेगी ।
आप सेंट्रल एक्साइज में रजिस्टर्ड भी नहीं है और आपके पास जो बिल है उन मे भी सेंट्रल एक्साइज नहीं लगी है तो इसकाअर्थ यह है कि आपने जो माल खरीदा है वह उस डीलर से नहीं खरीदा है जो सेंट्रल एक्साइज में रजिस्टर्ड है या जो सेंट्रल एक्साइज में रजिस्टर्ड डीलर नहीं है, और ऐसे केस में आपके बिल में किसी भी प्रकार की सेंट्रल एक्साइज लगे होने का कोई प्रश्न ही नहीं है ।
इस पर भी इनपुट टैक्स क्रेडिट आपको क्रेडिट मिलेगी लेकिन कितनी मिलेगी यह सरकार इस सम्बन्ध में जारी नियमों में तय करेगी ।
क्रेडिट जीएसटी के दौरान क्रमश मिलेगी:-
सीजीएसटी से इनपुट टैक्स क्रेडिट
<जब जीएसटी दर 18% से अधिक है तो सीजीएसटी का 60% इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलेगा (सीजीएसटी 9% का 60%) ।
जब जीएसटी दर 18% से कम है तो सीजीएसटी का 40% इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलेगा (सीजीएसटी 9% का 40%) ।
आईजीएसटी से इनपुट टैक्स क्रेडिट
जब जीएसटी दर 18% से अधिक है तो आईजीएसटी का 30% इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलेगा ।
जब जीएसटी दर 18% से कम है तो तो आईजीएसटी का 20% इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलेगा ।
नोट :-
स्कीम चालू रहने तक हर महीने के अंत में फार्म जीएसटी TRAN -2 में ऐसे माल की बिक्री का विवरण देना होगा ।
ऐसी माल के स्टॉक को ऐसे रखा जायेगा की उसे आसानी से पहचाना जा सके ।
इस तरह से मिली हुई इनपुट क्रेडिट का लाभ ऐसे डीलर्स को अपने ग्राहकों को देना होगा (यानि माल को कम कीमतों में देना होगा) ।
यह इनपुट टैक्स क्रेडिट माल को जीएसटी लगने के 6 माह में बेचकर ही प्राप्त करनी होगी, इसके बाद यह क्रेडिट नहीं मिलेगी।
ऐसे व्यापारी जो पहले कम्पोजीशन स्कीम में शामिल थे और अब जीएसटी में कर का भुगतान कर रहे है तो ऐसे व्यापारी अपने क्लोजिंग स्टॉक में शामिल सेंट्रल एक्साइज/वेट की जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट ले सकते हैं ।
नोट :-
<अंतिम सेंट्रल एक्साइज चुकाया हुआ है तो उस व्यक्ति के पास बिल, चालान या अन्य दस्तावेज होने चाहिए जिसके माध्यम से एक्साइज ड्यूटी का भुगतान किया हुआ साबित हो ।
यदि यह माल जीएसटी के दौरान कर मुक्त घोषित कर दिया गया है तो यह क्रेडिट नहीं मिलेगी ।
बिल, चालान या अन्य दस्तावेज जीएसटी लगने की तारीख से 12 माह से पुराने हो तो आपको यह क्रेडिट नहीं मिलेगी इस तरह जीएसटी 1 जुलाई 2017 को लगा है, तो जो स्टॉक आपके पास 30 जून 2016 या उससे पूर्व खरीदा हो तो इसकी क्रेडिट आपको नहीं मिलेगी ।
ध्यान रखें
यहाँ ध्यान रखें कि आपको इन सभी क्रेडिट को प्राप्त करने के लिए जीएसटी लागु होने के 90 दिन में TRAN-1 जीएसटी कॉमन पोर्टल पर इनपुट टैक्स क्रेडिट और स्टॉक का विविरण फाइल करना होगा ।
TRAN-1, TRAN-2 का प्रारूप निम्न प्रकार है
[gview file=”https://legaltaxguru.com/wp-content/uploads/2017/07/transition-formats.pdf”]
TRAN-1, TRAN-2 (FORM GST TRAN 1, FORM GST TRAN 2 ) (TRANSITIONAL PROVISIONS) निम्न प्रकार है
[gview file=”https://legaltaxguru.com/wp-content/uploads/2017/07/transition-rules-04062017.pdf”]
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