Family Law

“यदि बहू अपने सास ससुर का अपमान (गाली गलौज) करती है, व उन्हें घर में नहीं रहने देती है तो क्या ऐसा करना तलाक का आधार बन सकता है ?”

यदि बहू अपने सास ससुर का अपमान (गाली गलौज) करती है, व उन्हें घर में नहीं रहने देती है तो क्या ऐसा करना तलाक का आधार बन सकता है ?

इस प्रश्न का जवाब हां है, जब बहु अपने सास ससुर का अपमान करती या अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करती है, गाली-गलौज करती है, उनके साथ घर में नहीं रहना चाहती या उन्हें घर में नहीं रहने देती है| तो ऐसी स्थति में महिला के पति को तलाक़ लेने का एक अच्छा आधार साबित हो सकता है|

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यदि बहू अपने सास ससुर का अपमान (गाली गलौज) करती है, व उन्हें घर में नहीं रहने देती है तो क्या ऐसा करना तलाक का आधार बन सकता है ?एक अन्य मामले “अमित्वदास बनाम श्रीमती मौसमी दास” (ए.आई.आर 2012 कोलकाता 63) में पत्नी ने पति के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 498क का मुख्य मुकदमा दर्ज करवाया और दहेज की मांग का मिथ्या आरोप भी लगाया और पति की माता पर उसने व्यभिचार व् अनैतिकता के मिथ्या लांछन लगाये, कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा इसे पत्नी की क्रूरता माना गया और पति को विवाह विच्छेद की डिक्री पाने का हकदार ठहराया गया|Click Here to Other post क्या लोक अदालत के फैसले के खिलाफ अपील की जा सकती है ?क्या एक निगम या कंपनी पर आपराधिक दायित्व का मुकदमा दर्ज हो सकता है ?क्या एक मजिस्ट्रेट को किसी मामले की सीबीआई जांच करवाने का आदेश देने की शक्ति है ?टेलीफोन के द्वारा FIR दर्ज की जा सकती है या नहींझूठी FIR दर्ज होने पर क्या करे || झूठी FIR होने पर पुलिस कार्यवाही से कैसे बचे (CrPC Section 482)जीरो FIR I जीरो FIR क्या होती है I ZERO FIR के बारे में साधारण जानकारीF.I.R (प्रथम सूचना रिपोर्ट) से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी I(If you liked the Article, please Subscribe )

सुप्रीम कोर्ट के JUSTICE VIKRAMAJIT SEN AND A.M. SAPRE  ने अप्रैल  2015 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश में लिखा था कि, यदि कोई महिला अपने ससुराल में अपने सास-ससुर को नहीं रहने देती है, और उनका अपमान करती है, तो उस महिला के पति को तलाक का अधिकार मिल सकता है क्योंकि ऐसा करना क्रूरता की सीमा में आता है जो एक तालाक का आधार होता है” अपने ससुराल में आने और रहने से कोई महिला अपने पति के घनिष्ठ रिश्तेदारों को नहीं रोक सकती यह मानसिक क्रूरता मानी जाएगी,

और क्रूरता चाहे शारीरिक हो या मानसिक, क्रूरता की सीमा में आती है जो की एक तालाक का एक अच्छा आधार है |

एक अन्य मामलेअमित्वदास बनाम श्रीमती मौसमी दास” (ए.आई.आर 2012 कोलकाता 63) में पत्नी ने पति के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 498क का मुख्य मुकदमा दर्ज करवाया और दहेज की मांग का मिथ्या आरोप भी लगाया और पति की माता पर उसने व्यभिचार व् अनैतिकता के मिथ्या लांछन लगाये, कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा इसे पत्नी की क्रूरता माना गया और पति को विवाह विच्छेद की डिक्री पाने का हकदार ठहराया गया|

ऐसा ही एक मामला कृष्णा बाई बनाम पूरनचंद” (ए.आई.आर  1967 मध्य प्रदेश 200) का है इसमें भी पत्नी अपने पति के साथ तभी रहने को तैयार थी जब उसका पति अपने माता-पिता से अलग रहे, इस मामले को भी तलाक़ का एक अच्छा आधार माना गया |

तो इस प्रकार उपर्युक्त दिए गए निर्णयो के आधार पर  निष्कर्ष रूप में यह कहा जा सकता है, कि  यदि बहू अपने सास ससुर का अपमान (गाली गलौज) करती है, व उन्हें घर में नहीं रहने देती है तो ऐसा करना तलाक का अच्छा आधार बन सकता है |

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क्या लोक अदालत के फैसले के खिलाफ अपील की जा सकती है ?

क्या एक निगम या कंपनी पर आपराधिक दायित्व का मुकदमा दर्ज हो सकता है ?

क्या एक मजिस्ट्रेट को किसी मामले की सीबीआई जांच करवाने का आदेश देने की शक्ति है ?

टेलीफोन के द्वारा FIR दर्ज की जा सकती है या नहीं

झूठी FIR दर्ज होने पर क्या करे || झूठी FIR होने पर पुलिस कार्यवाही से कैसे बचे (CrPC Section 482)

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Advocate Birbal Sharma

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