Latest Recommendations made during the 26th meeting for E-Way Bill Rule on 10th March, 2018
जीएसटी ड्राफ्ट Rules के आधार पर जीएसटी में ई-वे बिल का प्रावधान किया गया है, अभी तक इस पर Rule अधिसूचित होना बाकी है I ई-वे बिल एक रोड परमिट की तरह ही होगा, जो की वर्तमान कर प्रणाली में एक राज्य से दूसरे राज्य में माल मंगवाने के लिए जारी किया जाता है, वो ही प्रावधान जीएसटी में ई-वे बिल के रूप में लाया जा रहा है, लेकिन वर्तमान कर प्रणाली में रोड परमिट कुछ विशिष्ट वस्तुओं पर ही लागु होता है, लेकिन जीएसटी ड्राफ्ट Rule (ई-वे बिल) के अनुसार अब 50,000/- की राशि से अधिक के सभी वस्तुओं के परिवहन के लिए ई-वे बिल जरुरी हो जायेगा और माल का परिवहन एक राज्य से दूसरे राज्य में हो या उसी राज्य में हो, वाहन चालक को अपने साथ माल का इनवॉइस एवं ई-वे बिल की कॉपी रखना अनिवार्य होगा, ई-वे बिल ऑनलाइन जीएसटी पोर्टल पर ही जारी होगा एवं वर्तमान कर प्रणाली एवं ट्रांसपोर्टर व व्यापारियों के नजरिये से देखा जाये तो सरकार द्वारा जारी किये जाने वाले ई-वे बिल में निश्चित की गई दुरी के अनुसार वैधता से कई समस्याओं का सामना करना पड़ेगा, वर्तमान कर प्रणाली में ई-वे बिल वैधता दुरी के आधार पर नहीं है व जीएसटी ड्राफ्ट Rule में ट्रांसपोर्टर को भी ई-वे बिल जारी करना पड़ेगा, जो की अभी कर प्रणाली में नहीं है जिस से ट्रांसपोर्टर को भी समस्याओ का सामना करना पड़ेगा I
50,000/- की राशि से अधिक का माल, भेजने वाले या ट्रांसपोर्टर को एक राज्य से दूसरे राज्य या उसी राज्य में माल मंगवाने के लिए ई-वे बिल (FORM GST INS -01) में जनरेट करना पड़ेगा, यदि माल भेजने वाले के द्वारा ई-वे बिल जनरेट नहीं किया गया तोट्रांसपोर्टर के द्वारा माल के बिल के आधार माल के परिवहन के लिए अपने जीएसटी नंबर से FORM GST INS -01) ई-वे बिल जनरेट करना पड़ेगा, और यदि ई-वे बिल में माल का विवरण या बिल नंबर गलत अंकित हो जाता है या अन्य किसी प्रकार की गलती हो जाती है तो 24 घंटे में ई-वे बिल को रद्द किया जा सकता है, यदि सामान के परिवहन के दौरान ट्रांसपोर्टर की वाहन ख़राब हो जाता है या अन्य किसी कारण से ट्रांसपोर्टर वाहन बदलता है तो ट्रांसपोर्टर को नया ई-वे बिल जारी करना पड़ेगा I
क्रमांक
| ड्राफ्ट जीएसटी फॉर्म संख्या
| विवरण
|
| 1. | FORM GST INS -01 | |
| 2. | FORM GST INS -02 | 50,000/- की राशि से अधिक के माल वाहन में एक से अधिक व्यक्ति या कंपनी का माल है तो ट्रांसपोर्टर को एक संयुक्त ई-वे बिल (FORM GST INS -02) जारी करना होगा व इसमें ट्रांसपोर्टर को हर मॉल के ई-वे बिल नम्बरों का विवरण देगा, वाहन चालक को अपने साथ माल का इनवॉइस एवं ई-वे बिल की कॉपी अपने साथ रखनी होगी तथा सामान के परिवहन के दौरान टैक्स अधिकारी को गाड़ी रोककर सामान व बिल जाँच करने का अधिकार होगा I |
क्रमांकदूरीई–वेबिलकाउपयोगकरनेकीवैधता
| 1. | 100 किलोमीटर से कम | 1 दिन |
| 2. | 101-300 किलोमीटर तक | 3 दिन |
| 3. | 301-500 किलोमीटर तक | 5 दिन |
| 4. | 501-1000 किलोमीटर तक | 10 दिन |
| 5. | 1000 किलोमीटर से अधिक | 15 दिन |
3. मॉल के परिवहन के लिए वाहन के साथ ई-वे बिल व इनवॉइस कॉपी रखनी होगी I
क्रमांक | जीएसटी ड्राफ्ट फॉर्म संख्या | विवरण |
| 3.
| FORM GST INS -03 | जांच अधिकारी द्वारा प्रत्येक निरीक्षण का संक्षिप्त विवरण 24 घंटे के भीतर (FORM GST INS -03) के भाग-ए में ऑनलाइन जानकारी दी जाएगी व जांच अधिकारी द्वारा अंतिम रिपोर्ट का विवरण निरीक्षण के 3 दिन के भीतर (FORM GST INS -03) के भाग-बी में ऑनलाइन दी जाएगी I |
| 4. | FORM GST INS -04 | यदि टैक्स अधिकारी सामान व बिल की जाँच करने में 30 मिनट से ज्यादा समय लगाता है या 30 मिनट से ज्यादा वाहन को खड़ा रखता है तो ट्रांसपोर्टर इसकी ऑनलाइन FORM GST INS -04 में जीएसटी के पोर्टल पर सूचना दे सकते है I |
E-WAY BILL information in English
Input tax credit on closing stock in Hindi (GST)
Full list of Rate and HSN Code of GST Goods
Notification related Form GST RFD-11
Interest rate provision in GST
HSN Code for Furniture with rate (Chapter-94)
GST Composition Scheme (In Hindi)
Formats (Tax Invoice, Credit Note, Debit Notes in Excel)
जीएसटी में अब एक नजर ई-वे बिल (E-WAY BILL) पर
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